देहरादून। पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र रावत की सक्रियता इन दिनों खासी सुर्खियां बटोर रही हैं। कभी पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता से सीधा संवाद तो कभी पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात को लेकर पूर्व सीएम लगातार चर्चाओं में हैं।
बधवार को जब त्रिवेन्द्र सिंह रावत पूर्व मंत्री केदार सिंह फोनिया से मलाकात करने पहुंचे तो सियासी हलकों में अटकलबाजी और चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया। पूर्व मंत्री केदार सिंह फोनिया और पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया और बीजेपी संगठन के भीतर खूब चर्चा चल रही है। हालांकि जानकारी के मुताबिक ये मुलाकात सामान्य और शिष्टाचार मुलाकात बताई जा रही है।
बुधवार को पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता केदार सिंह फोनिया से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचे। उन्होंने इस दौरान केदार सिंह फोनिया के हाल-चाल जाना। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रदेश के वर्तमान हालात को लेकर विभिन्न मुद्दो पर विस्तार से चर्चा की। केदार सिंह फोनिया ने स्वलिखित पुस्तक ‘उत्तरांचल से उत्तराखण्ड 12 वर्ष’ भी पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र को भेंट स्वरूप दी। गौरतलब है कि यही वह पुस्तक है जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक खास राजनीतिक वर्ग ने उनकी राजनीतिक हत्या की थी।
केदार सिंह फोनिया अभिन्न उत्तर प्रदेश में 1992 के दौर में पर्यटन मंत्री रहे हैं। इस दौरान पहली बार यूपी सरकार ने राममंदिर के भूमि अधिग्रहण किया था। तब उस दौरान केदार सिंह फोनिया वह मंत्री थे जिन्होंने इस फाइल पर हस्ताक्षर किये थे।
