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ब्लॉक प्रमुख देवाल डॉ. दर्शन दानू के खिलाफ दायर मुकदमा कहीं राजनीतिक षड्यंत्र तो नहीं?

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देहरादून। देवाल के ब्लाक प्रमुख डॉ० दर्शन दानू के खिलाफ दायर मुकदमा को उनके समर्थकों ने राजनीतिक साजिश करार दिया है। गौरतलब है कि देवाल के प्रमुख डॉ० दर्शन दानू के खिलाफ के खिलाफ थराली थाने में एक मुकदमा दर्ज हुआ। यह मुकदमा ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी के डिप्टी कंस्ट्रक्शन मैनेजर की ओर से दर्ज कराया गया है। तहरीर में कंपनी के जेसीबी ऑपरेटर के साथ मारपीट, गाली-गलौच और जेसीबी मशीन को जलाने की धमकी का आरोप लगाया गया है।

डॉ० दानू के समर्थक कहते है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को ही पढ़कर साफ हो जाता है कि एफआईआर किसी दबाव में लिखी गई है। दर्ज एफआईआर का उल्लेख करते हुए वे कहते है कि एफआईआर में लिखा है कि कंपनी ने दिसंबर 2022 में कार्य शुरू किया और डॉ० दानू कार्य रोकने के लिए फरवरी 2022 में धमकाने आया। जब कार्य दिसंबर में शुरू हुआ तो फरवरी में धमकाने कैसे आ सकता है? वे सवाल उठाते हुए कहते है जब घटना फरवरी 2022 की है जिस ऑपरेटर को मारने पीटने की बात 26 जून को की गई उसने उसी तिथि को रिपोर्ट दर्ज क्यों नही कराई गयी? 14 दिन बाद क्यों रिपोर्ट दर्ज की गई?

डॉ० दानू को करीब से जानने वाले लोग कहते है कि एफआईआर में लिखा है कि डॉ० दानू शराब के नशे में आया था जबकि उन्होंने आज तक कभी शराब छुई तक नही है। जिससे साफ है कि डॉ० ये दानू के खिलाफ राजनीति षड्यन्त्र करके एफआईआर दर्ज कराई गई है।

वे कहते है कि एक तरफ डॉ० दानू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है तो दूसरी तरफ डॉ. दानू की छवि सोशल मीडिया के माध्यम से खराब की जा रही है। जिससे साफ होता है विरोधियों द्वारा दानू के खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र किया जा रहा है।

डॉ दर्शन दानू गढ़वाल विश्वविद्यालय से ही छात्र संघ के सक्रिय नेता रहे हैं। महासचिव पद पर रहते हुए उन्होंने ‘उद्घोष’ कार्यक्रम आयोजित करवाया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों से छात्र-छात्राओं का संवाद करवाना तथा छात्र-छात्राओं में प्रशासनिक सेवा के प्रति रुचि बढ़ाना रहा है। उस कार्यक्रम से सुर्खियों में रहे 2016 में अपने क्षेत्र देवाल के तमाम् क्षेत्रो के मुख्य बुनियादी सुविधाओं के लिए पिंडारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व कर। आंदोलन किया क्षेत्र की अनदेखी होने पर आत्मदाह करने का प्रयास किये जिसके लिए 6 घण्टे देवाल हॉस्पिटल में एडमिट रहे।

डॉ. दानू पहली बार 2019 में क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़कर निर्विरोध देवाल के ब्लाक प्रमुख बने। एक उच्च शिक्षा प्राप्त किए युवा नेता से क्षेत्र की तमाम जनता को अनेकों अपेक्षाएं थीं और उन्होंने उन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हमेशा प्रयास किया।

उन्होंने पहली बार सुदूर क्षेत्र घेस में बीडीसी बैठक आयोजित करवाई तथा उसमें स्कूली बच्चों सहित तमाम जनता को बुलाया और सफल संचालन करवाया जिसे पंचायती राज विभाग उत्तराखंड की वेबसाइट में बेस्ट प्रैक्टिसेज में सम्मिलित किया गया।

उन्होंने हाल ही में देवाल में कूड़ा वाहन का संचालन करवाया जो नगर निगमों की तरह क्षेत्र पंचायत में पहली बार शुरू किया गया। उन्होंने बीडीसी में विधानसभा की तर्ज पर, जनता से प्रश्न मांग कर, विभागों को प्रेषित किए ताकि बीडीसी बैठक में विभागीय अधिकारी पूर्ण तैयारी के साथ आएं और जनता की समस्याओं का समाधान हो।

उन्होंने देवाल के एक बच्चे एवं दो वयस्क को सरकार से त्वरित बात करके एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर तत्काल उपलब्ध करवाकर देहरादून रेफर करवाया जिनकी जान बचाने का काम किया।

वर्ष 2013 में आपदा से टूटा पुल जिसको 2019 तक भी कार्य नही हो पाया। लेकिन डॉ. दानू ने अपने कार्यकाल में अपने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर व अथक प्रयास कर पुल की वित्तीय स्वीकृति करवाकर कार्य शुरू करवाने हेतु टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई।

हाल ही में स्वास्थ्य सुविधाओं चिकित्सालय तथा चिकित्सकों की उपस्थितियों का औचक निरीक्षण किया ताकि जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। स्कूलों में औचक निरीक्षण कर, स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था में सुधार कार्य करते हुए बच्चों के साथ रूबरू हुए।

हर गरीब पात्र लाभार्थी को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उनके घर में ही मिले, इसके लिए पहली बार सुदूर क्षेत्र में बहुउद्देशीय कैंप स्वास्थ्य कैम्प का आयोजन करवाया।

कोविड़ के दौरान जब शराब की दुकानें खुली थी, क्षेत्र की समस्त महिलाओं के सहयोग से शराब की दुकानें बंद करने का आंदोलन देवाल में चलाया उस समय भी पुलिस गिरफ्तार करके ले गई। कोविड के दौरान हर घर तक राहत सामग्री पहुंचाने अपने साथियों सहित 46 ग्राम पंचायतों में स्वयं गए व राहत सामग्री पहुचाई।

हाल ही में डॉ० दर्शन दानू ने महिला दिवस पर महिला समूहों के माध्यम से पहली बार देवाल में ‘अपणु बाजार’ शुरू करवाया। ताकि महिला समूह के उत्पादों को बाजार मिल सके एवं स्थानीय जनता को सब्जियों एवं अन्य सामानों के लिए बाहरी बाजार पर निर्भर न रहना पड़े।

डॉ. दानू इस मुकाम तक किसी आरक्षण, राजनीतिक संरक्षण, से नहीं पहुंचे बल्कि उन्होंने अपने कार्यों से अपनी मेहनत से अपने व्यवहार से यह पहचान बनाई है और आज उनकी पहचान को खत्म करने की साजिश देवाल की जनता को स्वीकार नहीं है।

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